Author: HBI Post Admin

  • मेरी कुछ यादें – शशीधर चौबे

    प्रयागराज से दिल्ली की सड़क यात्रा सुबह के करीब आठ बजे निकले थे हम प्रयागराज से, घर से निकले तो सबसे पहले ATM से पैसे निकाले, फिर बाइक को पेट भर पेट्रोल पिलाया। हालांकि एक दिन पहले ये तय किया गया था कि सुबह पॉंच बजे निकला जायेगा पर देश है तय समय से कहा…

  • सुभाष चंद्र बोस की  १२५ वीं जयंती- विशेष कविताएं

    सुभाष चंद्र बोस की १२५ वीं जयंती- विशेष कविताएं

    मूलमंत्र आजादी ~ डॉ.राजेश पुरोहित आत्मबल अंतर में रख जिसने स्वतंत्रता दिलाई थी।गौरों को सबक सिखाकर जिसने वीरता दिखाई थी।। आज़ादी जिसका मूलमंत्र कसम देश की खाई थी।नेताजी संग नोजवानों ने ली तब अंगड़ाई थी।। दूर फिरंगियों को करने की ताकत तभी दिखाई थी।बोस के भाषण से अंग्रेजी शासन की नींद उड़ आई थी।। जापान…

  • मकरसंक्रांति से जुड़ी यादें

    कलमकार सुमित सिंह पवार “पवार” ने मकर संक्रांति पर्व पर शुभकामनाएं देते हुए कुछ संस्मरण साझा किए हैं। आप भी पढ़ें- १) पतंग और पढ़ाई बात उन दिनों की जब मैं पुलिस ट्रेनिंग खत्म कर लखनऊ में तैनाती पा गया था और पहला थाना मिला मड़ियाव। मड़ियाव थाने की पहली बीट मिली घैला गांव। मैं…

  • मकरसंक्रांति

    मकरसंक्रांति

    मकरसंक्रांति महापर्व की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ हिन्दी रचनाकारों के सन्देश इन कविताओं मे पढिए। मकर संक्रांति शुभमस्तु ~ संजू ‘गौरीश’ पाठक आते आदित्य मकर में जब,संक्रांति पर्व होता पावन । तिल गुड़ की फिर मिठास देखो,लगती सबको है मनभावन । ऊंची उड़ान भर इठलाती,नभ मे जा दूर पतंगें जब। संदेशा यह भी देतीं हैं,रहिए…

  • दिसंबर २०२०- अधिकतम पढ़ी गई कविताएं

    DECEMBER-2020: 1) हे नारी ~ आशुतोष गौतम • 2) नि:शेष तेरा साम्राज्य ~ डॉ. सरिता नेगी • 3) दिखा दे शक्ति का अवतार है तू ~ प्रियंका पान्डेय त्रिपाठी १) हे नारी हे नारी!तुम अनादि सुख की नारी होतुम ही भवानी तुम ही शारदातुम ही लक्ष्मी, तुम ही देवी होहे नारी!तुम से ही जगत संसारतुम…

  • युवा दिवस- स्वामी विवेकानंद जयंती

    युवा दिवस- स्वामी विवेकानंद जयंती

    स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन और देश के सभी युवाओं को “राष्ट्रीय युवा दिवस” की हार्दिक शुभकामनाएँ। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर कुछ कविताएं पढ़िए। १) युवा शक्ति हम युवा शक्ति को जगा रहें।दंभ, द्वेष, पाखंड,आलस को भगा रहें।स्तम्भ हैं ये राष्ट्र कानवचेतना का सागर हैं।ये रूप में हैं…

  • विश्व हिन्दी दिवस

    विश्व हिन्दी दिवस

    कलमकारों  ने विश्‍व हिन्‍दी दिवस के अवसर पर चंद पंक्तियाँ हम सभी से साझा की है जो बतातीं हैं कि हिंदी साहित्य की जड़ें बहुत मजबूत हैं और यह सदैव विकास के मार्ग पर अग्रसर रहेगा। १) प्रिय हिन्दी ओ! प्रिय हिन्दीहै सम्मान हमाराकरो उद्धारऐश्वर्यवान् तुमओजस्वी वाणीकुमारलतिका होजननी तुमअभिमान हमाराप्रशंसनीयसंस्कारों की दुनियांप्रकाश पुंजहै श्रृंगार तुम्हाराजगत…

  • दस लोकप्रिय कविताएं- २०२०

    दस लोकप्रिय कविताएं- २०२०

    हिन्दी बोल इंडिया के फेसबुक पेज पर पाठकों ने साल २०२० में इन दस कविताओं को बहुत पसंद किया। आप भी पढ़ें औए अपनी राय बताएं। १) वो दिन यूँ तो अक्सर यादों की बरसात होती है,गुजरे लम्हों में बीते पलों की एहसास होती। वो पहला दिन आँसूओं की बरसात हुई थी,नये माहौल में थोड़ी…

  • साल २०२१ का आगमन – रचनाकारों के संदेश

    साल २०२१ का आगमन – रचनाकारों के संदेश

    १. नव वर्ष की पहली सुबह ~ प्रियंका जेना है नया साल ये आया,नव वर्ष की पहली सुबह,नए दिन के साथ नये साल का ये आगाज़ है,लगता है कुछ होने को है बहुत खास,नए साल के पहले सूर्योदय की लालिमाकह रही मानो ये हमसे आज,कि वर्ष 2021 लाया संग खुशियों की सौगात है,सभी का जीवन…

  • नववर्ष २०२१ के लिए नियमित कलमकारों की कविताएं

    नववर्ष २०२१ के लिए नियमित कलमकारों की कविताएं

    १. नया साल सबको मुबारक रहे ~ डॉ आनन्द किशोर ये नया साल सबको मुबारक रहेहर ख़ुशी ज़िन्दगी में बिना शक़ रहे और मुक़म्मल मिले दिल को चैनो-सुकूँजल्दबाज़ी न कोई भी धकधक रहे सब गले मिल के आपस में बातें करेंदूर शिकवे-गिले हों जो अब तक रहे नफ़रतों की जगह दिल में बाक़ी न होप्यार…

  • लेखकों की आपबीती

    मेरा 2020 का सफर वाह! क्या साल रहा 2020!नहीं मतलब क्या-क्या नहीं दिखा गया। जितना जिन्दगी के बाकी बसन्त में कभी नहीं देखने को मिला, उतना ये साल अकेला दिखा गया। क्या अमीर-क्या गरीब, क्या रंगमंच-क्या सच्चाई, क्या सरकारी-क्या निजी, क्या मित्र-क्या शत्रु और क्या जरूरत-क्या आपूर्ति? समझ आया कुछ? मैंने जहाँ से जो समझा,…

  • नए साल का शुभारंभ

    नए साल का शुभारंभ

    १. नया साल, नई उम्मीद ~ राजीव डोगरा नया सालनई उम्मीद लेकर आया है।छोड़ चुके हैं जोउनका हिसाब लेने आया है।नया साल मां रणचंडी कोसाथ लाया है,उठाए खड्ग खप्परशत्रु का संहार करने आये है।बीते हुए वक्त मेंजो बन गए थे परायेफिर से उनकोअपना बनाने आया है।नया साल नई उम्मीदनव उमंग नवीन उत्साहसाथ लेकर आया है।नया…

  • वर्ष 2021- स्वागत है

    वर्ष 2021- स्वागत है

    १. नया वर्ष और हमारा संकल्प ~ इरफ़ान आब्दी मांटवी समझ में ये नहीं आताजो पिछला वर्ष गुज़रा हैबधाई इसकी भी दी थीमगर अफसोस होता हैकभी ये भी नया वर्ष थापरेशानी परेशां थीदुखों की आप बीती थीसड़क सुनसान दिखती थीचमन बेज़ार रहता थासभी अफसोस के मारेभिगाए नैन रहते थेचलो जो होगया छोड़ोसबक इस साल से…

  • लॉकडाउन 2020

    लॉकडाउन और मेरा अनुभव ~ शिवम झा (भारद्वाज) किसी ने ठीक ही कहा है किस समय से बड़ा बलवान कोई नहीं है समय का चक्र कब किस ओर करवट लेगी ना कोई इस बारे में जानता है और ना कोई इस बारे में सटीक अंदाजा लगा सकता है। समय व्यक्ति के अनुकूल रहा तो उन्नति…

  • स्त्रियों को संबोधित करती कविताएं

    स्त्रियों को संबोधित करती कविताएं

    नारी नारी को नारी रहने दोवो भी एक इंसान हैैसुख दुख के भावों से बनताउसका भी संसार हैदेवी का प्रतिरूप बनाकरलज्जा का अंबर न लपेटोपौरूषता के झूठे दंभ मेंना उसकी कोई सीमा बनाओउङती है तो पंख न कतरोबस थोङा सा अर्श बनाओकर सकते हो तो इतना कर दो,नारी को नारी रहने दोदे दो उसको थोङा…

  • मेरी कहानियाँ- सुमित पवार

    1) माँ-बाप और बचपन आँखें एक जोर की आवाज के साथ खुली और देखा तो माता जी दही चलाने की मशीन चला रही है और मट्ठा बना रही है। मैंनें उठते ही माता जी को प्रणाम किया और माता जी ने प्रणाम स्वीकारा और बोली दर्द तो नहीं हो रहा। ऐसा इसलिए पूछा,”क्योकिं पिछले दिनों…

  • आलोक कौशिक की दस रचनाएँ

    १) प्रकृति विध्वंसक धुँध से आच्छादितदिख रही सृष्टि सर्वत्रकिंतु होता नहीं मानव सचेतकभी प्रहार से पूर्वत्र सदियों तक रहकर मौनप्रकृति सहती अत्याचारकरके क्षमा अपकर्मों कोमानुष से करती प्यार आता जब भी पराकाष्ठा परमनुज का अभिमानदंडित करती प्रकृति तबअपराध होता दंडमान पशु व पादप को धरा परदेना ही होगा उनका स्थानकरके भक्षण जीवों कानहीं होता मनुष्य…

  • इमरान सम्भलशाही की कहानियाँ

    १. माँ का थैला हर बार की तरह माँ चूल्हे के पास बैठकर आटा गूँथने में लग गई थी, मन ही मन कुछ बुदबुदाए जा रही थी और हाथ के कोहनी से बार बार आटा गूँथने के दौरान माथे पर झलक रही पसीने की बूंदे पोछे जा रही थी। पचपन बरस की अपनी इस उम्र…

  • नवंबर २०२०- अधिकतम पढ़ी गई कविताएं

    NOVEMBER-2020: 1) हम तुम एक है ~ कुमार उत्तम • 2) बेटे ~ मधु शुभम पांडे • 3) प्रेम में ठगी हुई स्त्री ~ कलमकार- गीता बिष्ट १) हम तुम एक है हम तुम एक हैसपने हमारे नेक हैफिर क्यू रास्ते बन्द पड़े है। फिर क्यू ?सामने अड़े पड़े है,सपने सबके होते हैहमारे सपनो को…

  • आलोक कौशिक की कहानियाँ

    बदला विजय झा ने शराब की तस्करी करके करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली थी और अब उसने अपने काले धन को सफेद करने के लिए एक स्कूल खोल लिया था। उसने उस स्कूल का नाम अपने इकलौते बेटे अभिज्ञान के नाम पर रखा था- ‘अभिज्ञान इंटरनेशनल स्कूल’। अभिज्ञान इंटरनेशनल स्कूल शहर का सबसे बड़ा…