Author: HBI Post Admin
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शहीद भगत सिंह जयंती- 28 सितंबर
हिंदी कलमकारों ने शहीद भगतसिंह को नमन करते हुए उनके स्मरण में कुछ कवितायें प्रस्तुत की हैं। आइए इन्हें पढ़ हम भी क्रांतिकारियों के जीवन और योगदान को जानें। मेरा रँग दे बसन्ती चोला, मेरा रँग दे। मेरा रँग दे बसन्ती चोला। माय रँग दे बसन्ती चोला॥ क्रांँतिवीर सरदार भगत सिंह वतन परस्ती खून में…
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बेटी दिवस 2020
बेटियां घर के आंगन में फुल खिल जाती,जब खुल के हंसती है बेटियां,पुरुष के कदम से कदम मिला कर,नित दिन चलती बेटियां ! हर क्षेत्र में परचम लहराती,अपनी लोहा मनवाती बेटियां,फिर भी क्युं बोझ है लगती,गर्भ में ही मारी जाती है बेटियां! क्युं अब तक स्वतंत्र नहीं है,सिसक रही है बेटियां,कभी ताना पहनावा पर तो,कभी…
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मेरी १० कविताएं~ मधुकर वनमाली
बांसुरी वनों में उगता घना हूँबेंत का कोमल तना हूँकोई जाके काट लायाआह कैसा घात पाया छील के चिकना हुआ हूँएक से कितना हुआ हूँमले मुझ पे तेल देखोमनुज का यह खेल देखो क्या हुआ जो खोखले हैंछिद्र मुझ में कई बने हैंपुत गया है रंग मुझ पेछैलों का है संग मुझ से देवता ने…
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इमरान संभलशाही जी की दस कविताएं
१) उपकार करो या सत्कार करो उपकार करो या सत्कार करोस्नेह मुहब्बत हर बार करो हो जीवन सावन जैसारहो न जग में ऐसा वैसाबारिश की फुहार बन कररिमझिम सी हर बार मरो लहर बनो प्यार के खातिरन मन में हो द्वेष का शातिरमन भेजो न इधर उधरतूफ़ान को खबरदार करो लहज़ा भी बस नरम रहेकड़ुआ…
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भारतीय सैनिकों को समर्पित कविताएं
शहादत माँ की ललकार बने,पिता का सम्मान बने।जगत का बलिदान बने,माँ भारती का अभिमान बने।हाँ! हम वीरता पर गर्व करते हैं,क्योंकि, हमारें वीर सिपाही हैं।माँ भारती के चरणों में शीश को जो अर्पित कर दे,वह संतान देश का सिपाही है।उनकी शहादत को, हम नमन करते हैं,आतंकवाद का अंत हो, हम संकल्प करते हैं।आतंक का न…
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विश्वकर्मा जयंती
1. भगवान विश्वकर्मा हे भगवान विश्वकर्मा!हमारे आराध्यनिर्माता सुधर्मादुनिया के समस्त कामगारों कोमजदूरों को,बेसहारों को, लाचारों कोपहरेदारों को,बुनकरों को, कलाकारों कोनल – नील सा हुनर दे दोविश्वेश्वरैया सा कौशल दे दोकलाम व सिवन सा सम्बल दे दोबाल्मीकि सुखदेव वेदव्यास बना दोआर्यभट्ट सुश्रुत कालिदास बना दोबना दो नेकदिल बुद्धविवेकानन्द सा प्रबुद्धभर दो सभी मेंकारीगरी कौशल वांछित शिक्षादूर…
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हिंदी दिवस पर विशेष कविताएँ
१४ सितंबर २०२० हिन्दी हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा हैं,जो हमें जन्म के साथ सिखाई जाती हैं,ये हिन्द की बिंदी की तरह हैं,हिंदी हमारी भाषा हो कर भीवो हमारी नहीं रही ,ये भी हमारे कश्मीर की,तरह हो गई हैं,जो हमारी हो कर भी,हमारी नहीं रही,वर्तमान में युवाओं ने,अंग्रेजों की अंग्रेज़ी अपनाली,मानो अंग्रेजों ने हड़प ली हैं,जमीं…
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हिंदी दिवस २०२० – दस कविताएँ
१४ सितंबर २०२०: हिन्दी दिवस (हिंदी की विशेष रचनाएँ) हिन्दी यूँ तो दुनिया मेंकई भाषाएं लेकिनरखती सब भाषाओं मेंअलग पहचान है हिन्दीमातृभाषा है राष्ट्र भाषा हैहिन्द है हिन्दुस्तान है हिन्दीआधार हर एक भाषाओं कीसब भाषाओं की जान हिन्दी हिन्दी सिर्फ़ एकभाषा मात्र भर नहींसिर्फ़ अभिव्यक्ति नहींएक सभ्यता हैएक समुदाय है हिन्दीसंस्कृत से जन्मी संस्कृति हैअनूठी…
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हिंदी भाषा और बोली
१४ सितंबर २०२०: हिन्दी दिवस (हिंदी की विशेष रचनाएँ) शिक्षा के क्षेत्र में हिन्दी का महत्व हिन्दी दिवस का सम्मान करो,यह है हमारी राजभाषाहिन्दी बोलने में गर्व महसूस करो,मत महसूस करो अपमान भरी निराशा। हिन्दी दिवस है ऐसा दिवस,जिसे बहुत उत्साह से उस दिन मनाते हैंकिन्तु दूसरे दिन से वही लोग अंग्रेज़ी को सराहते हैं।१४…
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हिन्दी दिवस पर राजीव डोगरा के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियाँ
१. हिन्दी से है हमारी शान हिन्दी से है हिंदूस्तान,हिन्दी से है हमारी शान,जब हिंदी का होता अपमान,तो घटता है भारत का मानपूरे विश्व में ज्ञान फ़ेलाएंगे,हिन्दी का महत्व समझाएंगे,देश की यह आशा है,हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है,इसे समझना सब की अभिलाषा है,हिंदी भाषा का करेंगे सम्मान,इससे बढ़ेगा देश का नाम,हिंदी दिवस मनाएंगे,हिंदी भाषा ही अपनाएंगे,हिंदी…
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पितृपक्ष: पितरों का श्रद्धापूर्वक स्मरण
Tue, 1 Sep, 2020 – Thu, 17 Sep, 2020 : भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक के १६ दिनों को पितृपक्ष कहते हैं जिसमे हिन्दू धर्म के अनुयायी अपने पूर्वजों/पितरों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं। पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक कुछ न कुछ अर्पित कर श्राद्ध किया जाता है। हिन्दी कलमकारों…
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भारत की राजभाषा हिन्दी
१४ सितंबर को हर वर्ष हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में अधिकांश लोगों द्वारा हिन्दी भाषा बोली जाती है। हिन्दी के बारे में रचनाकारों ने अपने मन की बात कहने के लिए कुछ कवितायें लिखीं हैं जिसे आप भी पढ़ना पसंद करेंगे। राष्ट्रभाषा अब तो हिन्दी को वरो राष्ट्रभाषा को चलो…
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शिक्षकों को नमन
शिक्षक-गुरु मेरी प्रथम गुरु मेरी माता हैं,वो बोलना-चलना सिखाती हैं,वो हमें संस्कार सिखाती हैं,तभी तो सौ गुरुओं के बराबर होती हैं,दूसरा गुरु मेरा शाला-शिक्षक हैं,जो जीवन के कठिन डगर परचलने की राह बताता हैं,जो खुद दीपक की तरह जलकर,हमारे जीवन को रोशन कर जाता हैं,कुछ इस तरह,गुरु अपना फर्ज निभा जाता हैं,गुरु ही समाज-देश का…
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अगस्त २०२०- अधिकतम पढ़ी गई कविताएं
AUGUST-2020: 1) तब गांव हमें अपनाता है ~ वर्षा यादव • 2) सादगी का मोल ~ तनुजा जोशी • 3) जीवन और संघर्ष ~ साक्षी सांकृत्यायन १) तब गांव हमें अपनाता है पक्की सड़कों की चाहत में,अपनी पगडंडी भूल जाते है।भूले भटके हम त्योहारों में ,कुछ दिनों के लिए जाते है।वो नहीं भूलता है हमको,उतना…
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शिक्षकों के सम्मान में लिखी गईं कवितायें
शिक्षक दिवस के दिन हिन्दी कलमकारों द्वारा कुछ पंक्तियाँ गुरुजनों को समर्पित की गईं हैं। हेप्पी टीचर्स डे जिन्होंने दी शिक्षा हमें वो हैं हमारी टीचर,जीवन में गुरु का स्थान होता सबसे ऊपर। उनके सम्मान में कभी न आएगी कमी,हर कोई सदैव रहेगा उन सबका ऋणी।वो हर पल रहते हमें ज्ञान देने को तत्पर.. आज…
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सितंबर ५ – शिक्षक दिवस
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिन्दी कलमकारों ने अपनी कुछ पंक्तियाँ शिक्षकों को समर्पित की हैं। मेरे गुरु गर्मियों की तेज हवाओं मेंजलते देखा है मैंने उसे,बदन है तड़प रहा फिर भी हैहिम्मत कसे।जिंदा है उसके अंदर जलने की तमन्ना अभी,मुस्कुरा कर जन्नत बनाया है उस…
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टीचर्स डे २०२०- सितंबर ५
शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी गुरुओं को सादर नमन। हमारा जीवन को एक नई दिशा देकर सुसंस्कृत करने का महत्त्वपूर्ण कार्य शिक्षक ही करते हैं। हिन्दी कलमकारों ने अपनी कुछ पंक्तियाँ शिक्षकों को समर्पित की हैं। शिक्षक दिवस शिक्षक है ज्ञान का सागरबांटते सबको ज्ञान बराबरआदर्शों की मिसाल बनकरसर्वगुण संपन्न बनाता शिक्षकसदाबहार फूल- सा…
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समय प्रबंधन सफलता की कुंजी
“समय बड़ा ही बलवान है”, जी हाँ, मनुष्य जीवन में समय सबसे अधिक मूल्यवान हैं। एक कहावत है कि बिगड़ा स्वास्थ्य, खर्च हुआ धन तथा रूठा हुआ मित्र तो वापिस मिल सकता है मगर जो समय निकल चुका हैं जिसका हम सही उपयोग नहीं कर पाए है वह लौटकर कभी वापिस आता हैं। समय की…
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कोरोना काल में कलमें बोली
कोरोना महामारी ने २१ सदी में ऐसी दस्तक दी है कि सम्पूर्ण विश्व इससे त्रस्त हो चुका है। लॉकडाउन का दौर चल रहा है, इस बीमारी से लड़ने के लिए लोग घरों में रहने पर बेबस हैं, सरकारें और संस्थाएं अनेक तरह के सुरक्षा और बचाव के कार्यक्रम को चला रहीं हैं। चिकित्सक और उनका…