Category: कहानियाँ
-
इंतजार
रोहन को आज नींद नहीं आ रही थी.. वो बार- बार करवटें बदल रहा था! रात के करीब 12 बज चुके थे!उसकी नजरें अभी भी मोबाईल स्क्रीन को निहार रही थी! जहन में एक कश्मकश चल रही थी| अब मोबाईल घन-घन कर बज उठेगी! प्यार में और कुछ भले ही न हो मोबाईल का वाईवरेशन…
-
ऐटिट्यूड वाली लड़की
मैं जब कॉलेज से घर के लिए लौट रहा था। साउथ सियालदह का नामखाना के बाद का स्टॉपेज पड़ता है उकिलेरहाट। उकिलेरहाट से मेरे कॉलेज की दूरी तकरीबन ४ किलोमीटर होगी। उकिलेरहाट से मैं शियालदह के लिए ट्रेन पकड़ा। उकिलेरहाट से मेरे घर की दूरी लगभग १५० किलोमीटर है। जिसके लिए मुझे प्रायः ४ से…
-
आज का श्रवण कुमार
पापा मैं ये बीस कम्बल पुल के नीचे सो रहे गरीब लोगो को बाट कर आता हूँ। इस बार बहुत सर्दी पड़ रही है। श्रवण अपने पिता से ये कहकर घर से निकल गया। इस बार की सर्दी हर साल से वाकई कुछ ज्यादा ही थी। श्रवण उन कंबलों को लेकर पुल के नीचे सो…
-
भूली बिसरी यादें
अलमारी साफ करते हुए इशिका के हाथ आज कई साल पहले लिखा पत्र हाथ लगा जो उसने नीलेश को लिखा था। पत्र को देखते ही वो अतीत में खो गई। उसे याद आया कि नीलेश से झगड़ा होने पर वह मायके आ गई थी और उसके दो महीने बाद ही उसने यह पत्र नीलेश को…
-
मित्रता
आज सुबह विनय ने काफी जल्दी मेडिकल की दुुकान खोल ली थी और लगातार कई डॉक्टरों के दवाई लेने आने के कारण वह काफी थक भी गया था तभी उसके सामने उसकी हम उम्र चश्मा लगाए हुए एक व्यक्ति अपने पूरे परिवार सहित खड़ा हो गया एक बार को तो विनय भौचक्का रह गया और…