मनोविचार- सुंदर पंक्तियाँ

वैसा न हुआ होता,
तो ऐसा होता।
ऐसा न हुआ,
इसका मुझे दुख है।

दुख भी कैसा?
यह तो होना ही था।
आज यह दुख भी न होता,
यदि वैसा न हुआ होता।

~ साकेत हिन्द


Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.