कुदरत के उपहार

जब किसी से हमें कोई उपहार मिलता है तो वह वयक्ति और उपहार दोनों को ही विशेष महत्व दिया जाता है। उपहारों को संजोकर रखा जाता है। कलमकार कवि मुकेश अमन कहते हैं इस कुदरत ने हमें अनगिनत उपहार दिए हैं, हमारा कर्तव्य है कि उन सब को सुरक्षित रखा जाए।

भंवरे, तितली, कलियां, उपवन,
फूलों के सब उपहार।
चंद-सितारे, प्यारे सारे,
कुदरत के उपहार।

रंग-बिरंगी धरती प्यारी,
रंग भरे त्यौहार।
स्वप्न सलौने, खेल-खिलौने,
होते यहां साकार

गीत, मीत, संगीत सुहाने,
बालमनों को प्यार।
सबको सुख के प्यारे-प्यारे,
मिलते है उपहार।

~ मुकेश बोहरा अमन

हिन्दी बोल इंडिया के फेसबुक पेज़ पर भी कलमकार की इस प्रस्तुति को पोस्ट किया गया है।
https://www.facebook.com/hindibolindia/posts/464385064468671

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