जब कभी उस मोड़ से गुजरता हूँ
उस जगह से गुजरता हूँ
जहाँ कभी मैंने कुछ लम्हा गुजारा था
कुछ प्यार बाटा था,तो कुछ प्यार पाया था
और, आज भी जब उसी मोड़ से गुजरता हूँ
तो उनसे जुड़ी यादें
फिर नवीन हो जाती हैं
गुजारे हुए लम्हों का दृश्य आँखों में उतर जाता है
और, रह जाती हैं एक कसक भरी यादें
मेरे हृदय में जिसे मैं चाहकर भी
मिटा नहीं सकता
यही तो होता है जिंदगी में
लम्हें तो गुजर जाते हैं, जिंदगी गुजर जाती है
लेकिन, रह जाती हैं यादें
जिससे पीछा छुड़ाना मुश्किल होता है
और, जिसके सहारे हम जिंदगी को
गुजारते जाते हैं, गुजारते हैं


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