पिंकी के पापा- बालगीत

बच्चों को भी गीत बहुत पसंद होते हैं और गा कर बताई जाने वाली बातों को वे बड़ी जल्दी ग्रहण करते हैं। कलमकार शुभम द्विवेदी ने मजाकिया अंदाज में एक बालगीत प्रस्तुत किया है जिसे आप अवश्य पसंद करेंगे।

देखों पिंकी नानी के घर से आई,
गुड्डा-गुड़िया संग में लाई,
नानी की छोटी सी बिल्ली ले आई,
उसकी मम्मी उसे बहुत चिल्लाई।

वह रोते-रोते पापा के पास आई,
पापा ने उसको दी बधाई,
बहुत सही बेटा तुम नानी को लूट लाई,
पिंकी को बड़ी जोर से हँसी आई।

पिंकी की मम्मी गुस्से में आई,
पापा को उसके आँखे दिखाईं,
पापा ने अपनी पलकें झुकाईं,
जैसे भीगी बिल्ली पकड़ में आई।

पिंकी वहां से भाग के आई,
पापा पे तो शामत आई,
मम्मी ने फिर झाड़ू उठाई,
पिंकी के पापा की फिर हुई कुटाई।

~ शुभम द्विवेदी

हिन्दी बोल इंडिया के फेसबुक पेज़ पर भी कलमकार की इस प्रस्तुति को पोस्ट किया गया है।
https://www.facebook.com/hindibolindia/posts/419088935664951

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