मजदूर दिवस नहीं मजबूर दिवस

जिस दिन भारत की यह तस्वीर बदल जाएगी
सच उस दिन देश की तकदीर बदल जाएगी
गरीबों और अमीरों के बीच बहुत गहरी खाई है
जिस दिन यह गहराई थोड़ी सी भी भर जाएगी
सच उस दिन देश की तकदीर बदल जाएगी

कागजी दावे नहीं जब योजना घर तक जाएगी
बिना कर्जे के जिंदगी जब भी बिताई जाएगी
जब सबके सर पर अपनी छत आ जाएगी
सच उस दिन देश की तकदीर बदल जाएगी
जिस दिन भारत की यह तस्वीर बदल जाएगी
सच उस दिन देश की तकदीर बदल जाएगी

कोई न कहना कि यह मेरे देश की तस्वीर नहीं है
गरीबी में लूटते हुए गरीबों की तकदीर नहीं है
जिस दिन रोटी अमीरो की तिजोरी से निकल आयेगी
सच उस दिन देश की तकदीर बदल जाएगी
जिस दिन भारत की यह तस्वीर बदल जाएगी

~ महेश राठोर सोनू


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