कोरोना की सीख

संघर्षों में जीना, मुश्‍किलों से लड़ना
निराशा का आशा में बदलना
पतझड़ में वसंत मनाना
कोरोना ने सिखाया है।

घरों में रहना, अपनों संग जीना
बड़ो से सीखना, छोटों को सिखाना
दुखों को बाँटना
खुशियों को फैलाना
कोरोना ने सिखाया है ।

व्‍यस्‍तताओं का कम होना
सुकून से जीना
कम आवश्यकताओं में रहना
खर्चों का सीमित होना
कोरोना ने सिखाया है।

धर्मों में न बँटना
इंसान का इंसान होना
मानवता का धर्म निभाना
सबकी मदद को हाथ बढ़ाना
कोरोना ने सिखाया है।

प्रकृति का संरक्षण करना
जीव-जन्‍तु का रक्षक बनना
अपनी संस्‍कृति से जुड़ना
मानव मूल्यों को निभाना
कोरोना ने सिखाया है।

एक विश्वास का होना
कि भविष्य में मिलना
तो भेदभाव का न होना
सब मिल-जुलकर रहना
कोरोना ने सिखाया है

अतीत में लौटना
वर्तमान से जुड़ना
भविष्‍य के सपने बुनना
प्रेम से रहना
कोरोना ने सिखाया है।

– शिम्‍पी गुप्ता


Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.