जीवन और संघर्ष

जीवन वैभव का नहीं
संघर्षों का पथ होता है
जीवन के पथ पर
अगर कोई रोके तो मत रुको, बढ़ते रहो
निरंतर चलते रहो, सतत चलते रहो
प्यार की रेत समेत
उम्मीद और विश्वास की ऊर्जा लिए
समर्पण की इमारत खड़ी करते रहो
जीवन के पथ पर चलते रहो।

जीवन शांति का कुंज नहीं
अशांति का झुरमुट होता है
इस पथ पर शांत मन से
अपनी आंखों में बुनियादी मधुमास लिए
हृदय में दृढ़विश्वास भरे बढ़ते रहो, बस बढ़ते रहो
नव पल्लव बन उगते रहो
नव नव कुसुमों सी फलते रहो
द्वेष घृणा को भेदकर मानवता का हाथ थामते रहो
पांव थक जाए व कांटा भी चुभ जाए अगर
हिमालय की चोटी! फिर भी चढ़ते रहो
निश्चिंत होकर मन की मंजिल को पकड़ते रहो
जीवन के पथ पर चलते रहो।

जीवन निरोगी देह नहीं
रोगदार भयावह कोरोना वायरस सरीखा होता है
इस पथ पर प्रत्येक महामारी से निपटते रहो
लॉकडाउन का पालन करते रहो
लहर बन सागर सा बहते रहो
जीवन की झंझावातों को सहते रहो
दृढ़ संकल्पित हो, जड़ चेतन की
ज्योति बनकर
जीवन के संघर्षों का दिनकर बनते रहो
बाधाओं को तोड़_ताड़कर सुखमय नहर बनाते रहो
परम स्नेह की बरसात लिए बादल सा गरजते रहो
घने तम को मिटाते रहो
और सदा प्रकाशपुंज सा फैलते रहो
निरंतर जीवन के पथ पर चलते रहो।

~ अपरिचित सलमान


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