परिवार

परिवार से ही परवरिश, परिवार से ही संस्कार, परिवार से ही प्रेम प्राप्त होता है। कभी-कभी परिवार के कुछ सदस्यों से दुख तकलीफ मिल जाती है किन्तु वे सभी हमें प्रिय होते हैं और जीवन में बहुत कुछ सिखाते हैं।

हर एक पल खास होता है,
जब मेरा परिवार मेरे साथ होता है।
चाहे कितनी भी उदासी हो,
मन परेशान क्यों ना हो अगर अपनों का साथ हो
तो उदासी को दूर यह मन भी खुश सा लगता है
परिवार के साथ बिताया कोई अलग दिन खास नहीं है
परिवार के साथ तो हर पल खास लगता है।
वह छोटी-छोटी नोकझोंक अपने भाई बहन के साथ,
रूठना मनाना फिर एक साथ घुल मिल जाना,
छोटों का प्यार और बड़ों का आशीर्वाद,
कोई भी उदासी हो कैसी भी परेशानी हो,
चाहे मन उदास हो या दुखों का भंडार हो,
हो अगर परिवार का साथ, और अपनों का प्यार
बड़ी-बड़ी परेशानी भी दूर हो जाती है
दुखों को दूर कर मन को खुश कर जाती है।
परिवार शब्द नहीं है,
ताकत है मेरी।
जब जब हौसला खत्म हो जाता है उस वक्त हिम्मत है मेरी।
परिवार के बिना अधूरी है जिंदगी,
हर अच्छे से अच्छा पल और माहौल भी अधूरा सा लगता है
जब परिवार का कोई एक भी सदस्य मुझसे दूर हो जाता है।
मेरी जिंदगी मेरे जीने का सहारा है।
सिर्फ़ शब्द नहीं मेरी पूरी दुनिया है ये।
हर पल खास होता है
जब मेरा परिवार मेरे साथ होता है।।

~ निहारिका चौधरी

हिन्दी बोल इंडिया के फेसबुक पेज़ पर भी कलमकार की इस प्रस्तुति को पोस्ट किया गया है।
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