किताबों में अद्भुत शक्ति होती है, अपार ज्ञान का भंडार उनमें समाहित होता है। कलमकार खेम चन्द बताते हैं कि कि इन ताकतवर पुस्तकों के जरिए हम न जाने कितनी अच्छी बातें सीख सकते हैं।
पड़ी रहती है अब वो अलमारी में
किताबों को जगह दे दी अब चारदीवारी में॥
खुली किताबों का अपना संसार है
ज्ञान का विस्तृत पड़ा भंडार है॥
पर जब से आ गई है संगणकों की दुनिया में क्रांति
किताबों के शहर में दिखने लगी है शान्ति॥
अल्फ़ज़ों का सबने लगाया पुस्तकों में मेला है
ज्ञान का दीपक तो जला दिया पर वक्ता यहाँ अकेला है॥
वो कहानियाँ जो लिखे थे कभी निबंध
शब्द भी हो रहे हैं आज स्पन्द॥
घनिष्टता कितनी किताबों से हमारी है
लफ़्ज़ों की सजा रखी नादान कलम ने क्यारी है॥~ खेम चन्द
हिन्दी बोल इंडिया के फेसबुक पेज़ पर भी कलमकार की इस प्रस्तुति को पोस्ट किया गया है। https://www.facebook.com/hindibolindia/posts/403449423895569
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