बेटियों की सुरक्षा आज के दौर में एक बड़ी जिम्मेदारी है। यह एक चुनौती सी क्यों लगती है? उन्हें आदर और सम्मान मिलता रहे तो सुरक्षा सुनिश्चित है। इस जिम्मेदारी को यदि हर इंसान निभाने लगे तो बेटियों पर कोई अत्याचार न होगा और सुरक्षा भी संभव होगी। कलमकार राजेश पुरोहित ने इस बड़ी समस्या पर कुछ पंक्तियाँ लिखी हैं, आप भी पढें।
आगत का स्वागत नवागत का स्वागत करें।
करें विस्मृत अतीत को वर्तमान से सन्तुलन करें।।आँख नम हो गई सुन शहीदों के परिवार की बातें।
आओ हम वतन की हिफाजत के रखवालों की बात करें।।दे सके न जान सरहद पर भले ही हम दोस्तों।
मगर देश हित छोटे छोटे काम अवश्य शुरू करें।।हम सुभाष आज़ाद भगतसिंह के देश से हैं याद रखो।
स्वाभिमान से स्वच्छन्द उड़ने की फिर से बात करें।।बेटियों को बचाने का नारा देकर चुप जो बैठ गए।
उनको जगाकर बेटियों की सुरक्षा की बात करें।।~ राजेश पुरोहित
हिन्दी बोल इंडिया के फेसबुक पेज़ पर भी कलमकार की इस प्रस्तुति को पोस्ट किया गया है।
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