पानी है अनमोल

पानी बहुत ही अनमोल है, इसे सहेजकर उपयोग में लाना। कलमकार मुकेश अमन ने अपनी कविता में इस अनमोल संपदा का संचयन करने की सलाह दी है।

पानी सबकी, प्यास बुझाता,
सबमें जीवन आस जगाता।
पानी है संसार, आबरू,
पानी जीवन खास बनाता।।

जल है जीवन, जी अनमोल,
जल से ही कल, समझो मोल।
रिमझिम-रिमझिम नभ से आ जल,
खेतों में फल, घास उगाता।।

बिन जल होगी त्राहि-त्राहि,
गांव नगर शहरों में भाई।
फिर जंगल से यही आवाज,
मैं कल जल को काश बचाता।।

पानी की जब होगी किल्लत,
बेपानी बस होगी जिल्लत।
पानी है संकट का साथी,
अपनी कीमत खास सिखाता।।

ढोर-जिनावर जायेंगे मर,
पक्षी सारे तड़प तड़प कर।
फिर क्या होगा मानव जीवन,
फिर नहीं कोई पास बुलाता ।

जल की शक्ति अब पहचानो,
सच्ची बातें, कहना मानो।
पानी बचे, बचेगा सबकुछ,
अमन बात यह खास बताता ।।

जागो और जगाओ भाई,
आफत सबके सिर है आई।
सावधान हो जाओ जल्दी,
जल भी अपना रंग दिखाता।।

~ मुकेश बोहरा अमन


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