स्नेहा कुमारी की लघुकथाएँ

१. अनार की चाहत

एक शहर में दो बहनें रहती थी। एक का नाम शोभा और दूसरे का नाम बेबी था। दोनों में बहुत प्रेम था। दोनों एक साथ स्कूल आती और जाती थी।

एक दिन की बात है, दोनों रोज की तरह स्कूल से घर आ रही थी। अचानक दोनों बहनों की नजर अनार के पेड़ पर पड़ा, जिसमें दो ही अनार हुआ था। जिसे देख दोनों तोड़ने के लिए आगे बढ़ी। एक ओर शोभा पेड़ के नीचे खड़े होकर निगरानी कर रही थी तो दूसरी ओर बेबी पेड़ पर चढ़ कर अनार तोड़ कर उतर रही थी, पर अचानक पेड़ के मालिक ने देख लिया। जिसके कारण दोनों बहनें वहाँ से भाग रही थी लेकिन दौड़ते वक़्त बेबी का चप्पल वही छूट गया। दोनों बहनों ने आधे रास्ते में अनार खाने के लिए निकाली पर वह अनार कच्चा रहता है, जिसके कारण अनार को वही फेंक दी। फिर निरास होकर दोनों बहनें घर आ गई।

>> सीख: किसी चीज को देखकर लालच नही करनी चाहिए।



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