Tag: आशुतोष प्रताप

  • तपस्या

    तपस्या

    बचपन गुजार के जवानी पाया समाज के रीति को देखकर रात दिन को एक किया, अब क्यों करने लगे तपस्या? सम्मान पाने के लिए? खून पसीना एक किया एक पल भी नहीं बर्बाद किया जितने भी तुमको दर्द मिले, उसको तुम भुला दिया क्यों करने लगे तपस्या? बड़े बनने के लिए? धूप में जलकर ठंड…