Tag: कलमकार- देवउत्तम उपाध्याय

  • कर्मवीरों के आगे नतमस्तक हिन्दुस्तान है

    कर्मवीरों के आगे नतमस्तक हिन्दुस्तान है

    कभी सीमा पर, कभी अस्पतालो में, कभी बीच सडको पर‌, वो यूं नजर आते हैं। छोड मां आंचल वो नित रोज सेवा पर जाते हैं। जिनके जज्बातो के आगे नतमस्तक हिन्दुस्तान है। वो देशभक्त, वो कर्मवीर, वो ईश्वर भगवान है। कभी मां की लाज बचाने को, कभी परहित जान बचाने को, कभी शांति का मार्ग…

  • कोरोना रूपी राक्षस

    कोरोना रूपी राक्षस

    हवाओ में भी विष घुल गया।संकटो में भी देश पहुंच गया।कोरोना रूपी राक्षस भी।मानव जाति का भक्षक बन गया। पाश्चात्य सभ्यता को अपनाओ।हाथ मुंह धोकर घर के अंदर आओ।सोशल डिस्टेनशिंग रूपी राम बाण चलाकर।कोरोना राक्षस को तुम मार भगाओ। कोरोना राक्षस को तुम मार भगाओ।घर में तुम थम जाओ।परिवारों के साथ तुम समय बिताओ।कोरोना पर…

  • करोना रे करोना

    करोना रे करोना

    करोना रे करोना ।तुम इससे मत डरो ना ।हर पल हाथ धोओ ना।ता पीछे काम दूजा करो‌ ना। घर से तुम मत निकलो ना।घर में ही तुम रूको ना।छुआ छूत से बचो ना।खुद का जीवन बचाओ ना। सोशल डिस्टेनशिंग अपनाओ ना।देश हित में कदम बढाओ ना।मिला है तुमको यह अमूल्य समय।परिवारों के साथ बिताओ ना।…