Tag: कलमकार- भरत कुमार दीक्षित

  • सेना के जवान

    सेना के जवान

    हंदवाडा के शहीदो को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि। शहीदों की मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा। जयहिंद, जय भारत हाँ वो सेना का जवान है, फक्र है उसपे,अभिमान है। दो माँओं का दर्द ये मुझसे, अब नही देखा जाता। एक धरा ये माँ है उसकी, एक जना जिसने…

  • मज़दूर है बहुत मजबूर

    मज़दूर है बहुत मजबूर

    समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है ये जिसे हम मज़दूर शब्द से नवाज़ते है, कई क़िस्मों का है ये मज़दूर। बस नज़र आपकी है कि किस मोड़ पर वो सोच बैठे कि हाँ ये है मजबूर माफ़ी चाहूँगा ‘मज़दूर’। आइए इस कविता से जोड़ते हुए आपको मज़दूर दिवस की बधाइयाँ देता हूँ……. हाँ मज़दूर है…