Tag: कलमकार- मनीष दिवाकर

  • ऐ ख़ुदा तू है कहाँ

    ऐ ख़ुदा तू है कहाँ

    कलमकार मनीष दिवाकर आजकल के आपराधिक माहौल से दुखी होकर यह कविता लिखतें हैं और खुदा से कुछ सवाल कर रहें हैं।   ऐ ख़ुदा तू है कहाँ, क्या-क्या जमीं पर हो रहा भेड़िये सा मन क्यूँ इंसान लेकर ढ़ो रहा! इंसान ही उत्कृष्ट रचना हैं तुम्हारीं क्या प्रभु जो धरा पर बीज़ कुत्सित नित्…