Tag: कलमकार- मनोज बाथरे

  • तीन कविताएँ- विचारवान, व्याकुल हृदय, हकीकत क्या है

    कलमकार मनोज बाथरे ने अपने कुछ विचार इन पंक्तियों में आपके समक्ष प्रस्तुत किये हैं। १) विचारवान हम सदा यही प्रयत्न करें कि हमारे विचारों से सब को चाहें वो हमारे हित में सबको इन विचारों का लाभ मिले जिससे संसार विचारवान बन सकें। २) व्याकुल हृदय व्याकुल हृदय तलाश रहा है उन सुकून के…

  • मनोस्थिति

    मनोस्थिति

    आज मनोस्थिति ऐसी है कि करे तो क्या करें कुछ सूझता नहीं समय कटता नहीं पर/कुछ तो करना ही होगा और करना ही पड़ेगा वो तो ये है कि हम सबको सहना ही पड़ेगा तब कहीं जाकर हम इस मनोस्थिति से बाहर निकल सकते हैं। ~ मनोज बाथरे

  • कल्पना शक्ति

    कल्पना शक्ति

    कलमकार मनोज बाथरे कल्पना को परिभाषित करने का प्रयास इस कविता में किया है। आइए उनके विचारों को और कल्पना शक्ति को जानें। कल्पना एक रचनात्मक ताकत है जो सपनों को एक दिन हकीकत में परिवर्तित कर सकती है बशर्ते स्वप्न देखने वाला उससे सीखकर उसकी सत्यता से परिचित होने का दृढ़ संकल्प लें तब…