—
by
ये आहट कैसी है मृत्यु की, चारों तरफ हाहाकार मचा है। ये जो पसरा है सन्नाटा, क्या कोई मौत का पैगाम लाया है। कोई तन से हारा, कोई मन से हारा चला जो दो कदम वो फिर समाज से हारा। कोई दामन को बेदाग रखा, कोई कांटों से भरा ताज पहना कोई लड़ा दुश्मनों से,…