Tag: कलमकार- मोहित पाण्डेय
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सम्भले रहो
एक विपदा आई हैसम्भले रहो, सम्भले रहोबैठ कर देखो तमाशा हो रहा है जो, संसार मेंपर करना कुछ भी नहींयदि, करना है तो बस ये करोकेवल अपनी ‘खटिया’ से चिपके रहो, चिपके रहोहो कर चुपचाप देखोटी. वी. पर सबकी बात देखोसमझो और समझाओअऊर भईया! और कोरोना को दूर भगाओ.. – मोहित पाण्डेय