Tag: कलमकार- रेणुका कुशवाहा

  • मां ही है वह भगवान

    मां ने इस दुनिया में लाया।मां ने ही दुनिया दिखलाया।मां ने ही चलना सिखलाया। मां से ही तो है यह घर बार,मां ना हो तो लागे सब कुछ बेकार।मां है तो है ये संसारमां के बिना सब कुछ बेकार। कहने को तो है पूरा घर परिवार,मां ना हो तो सुना है घर बार।हम जहां कहीं…

  • खुद को लॉकडाउन रखना है

    खुद को लॉकडाउन रखना है

    कुदरत ने आज आईना दिखाया है। संभाल के रख इंसान अपने कदम, पर्वत के जैसे ठहरी है जिंदगी, चट्टानों सी स्थिर है जिंदगी। यह अजीब सा सन्नाटा चहू ओर छाया है। कुदरत ने आज आईना दिखाया है| हमारी संस्कृति को आज फिर से हमने अपनाया है। सारी आदतों को हम ने दोहराया है। बाहर से…