Tag: कलमकार- लक्ष्मीकांत मुकुल

  • चिड़ीमार

    चिड़ीमार

    कलमकार लक्ष्मीकांत मुकुल इस कविता में गांव का दृश्य रेखांकित करते हुए कुछ तथ्य बताएँ हैं, आप भी पढें उनकी यह कविता- चिड़ीमार। जब काका हल-बैल लेकर चले जायेंगे खेत की ओर वे आयेंगे और टिड्डियों की तरह पसर जायेंगे रात के गहराते धुप्प अंधेरे में आयेगी पिछवारे से कोई चीख वे आयेंगे और पूरा…