Tag: कलमकार- श्रवण कुमार
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एक घाव पुराना बाकी है
एक घाव पुराना बाकी है, उनको भी भुलाना बाकी है, जब जब दुनिया मे दर्द बंटा है, अपनों को सुनाना बाकी है।। जब याद हमारी आएगी, उनको भी ऐसे तड़पायेगी, ना सोच था मेरा उन जैसा, सपने में हमें तू रुलायेगी, धागे कच्चे का जोड़ नहीं, दिल को समझाना बाकी है।। एक घाव……. हर बात…