Tag: गजेन्द्रसिंह राजपुरोहित 'युवा सरताज'
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तेरी बनाई इस सृष्टि में इंसान
तेरी बनाई इस सृष्टि में भगवान, इंसान अब डरा-डरा सा हैं। कहने को सिर्फ वो जी रहा, लेकिन अंदर से मरा-मरा सा है।। हर जगह सिर्फ मौत की खबरे, सुना पडा ये संसार है। बच गये तो समझो सुन ली भगवान ने, वरना समझना दुआएं तुम्हारी बेकार है।। आज भगवान तुरन्त याद आया, जब खुद…