Tag: पार्वती पंडित

  • मजदूर की दुर्दशा

    मजदूर की दुर्दशा

    दिखा रहा अपना रौद्र रूप ये महामारी हैं,गरीब मजदूरों की बढ़ती ये लाचारी हैं।लॉक डाउन के दौरान,फैक्ट्री में फंसे थे मजदूर चार।मालिक मौका देख हो गया फरार,छोड़ दिया तड़पते उन्हें बिना अनाज।भूख ने ले ली उसकी जान,देखने न गया कोई द्वार।परिवार से दूर था,रोटी कमाने निकला था।माँ का लाडला था,होटो की मुस्कुराहट था।आह! कराह उठा…