Tag: प्रेमगीत

  • हाँ! मैं प्रेम में हूँ

    हाँ! मैं प्रेम में हूँ

    सृष्टि के रचयिता से प्रेम करने से भला कोई कैसे चूक सकता है। वो है ही इतना खूबसूरत जिसकी झलक हर किसी में देखी जा सकती है। “हाँ मैं प्रेम में हूँ” – रागिनी स्वर्णकार की पंक्तियाँ उस अनंत के प्रति प्रेम को जता रही हैं। अनन्त रमणीय की सुंदर कृति हूँ ..! कोमल और…