Tag: साहित्यकार

  • राष्ट्रकवि दिनकर जी

    राष्ट्रकवि दिनकर जी

    उदित हुआ वह दिनकर की किरणों सागंगा के आंचल मे पल कर, गाँवो की गलियों मे बढ़ कर,वह नुनुआ जैसे जैसे बढ़ता है हिन्दी का रंग उस पर चढ़ता हैहिंदी को हथियार बना कर भारत से वह कहता है, पुनः महाभारत की तैयारी करने को वह कहता हैकुरुक्षेत्र की मिट्टी से प्रथम विजय संदेश वो…

  • दिनकर

    दिनकर

    साहित्य जगत के “अनल” कवि का,अधैर्य जब चक्रवात पाता है ।तब “दिनकर “भी “दिनकर” से,दीप्तिमान हो जाता है । “ओज” कवि “रश्मिरथी “पर,जब-जब हुंकार लगाता है।“आत्मा की आंखें “कैसे ना खुलेगी।पत्थर भी पानी हो जाता है। साहित्य जगत के “अनल” कवि का… “भारतीय संस्कृति के चार अध्याय” रच कर,भारत का विश्व में नाम किया।“कुरुक्षेत्र “रच…