Tag: सिकंदर शर्मा

  • मजदूर का दर्द

    मजदूर का दर्द

    सोचा नही था कभी ऐसा दिन भी आयेगा,जेल छोड़ घर ही कैदखाना बन जायेगा। मजदूरी करके जब शाम को लौटकर आता थाअपने दोस्तों के साथ चाय पीने जाता थादिनभर के थकान उस पल में भूल जाता थाएक दूसरे के दर्दो का साथी बन जाता था सोचा नही था कभी साथ इस तरह छूट जायेगा,अपने भी…