Tag: 21MON01315

  • बसंत पंचमी विशेष कविताएं

    बसंत पंचमी विशेष कविताएं

    हिन्दी कलमकार ऋतुराज का वर्णन अपनी कविता में कर रहे हैं। बसंत ऋतु के आने से चारों ओर प्रकृति का नया रूप दिखाई देता है और सभी प्राणियों में हर्ष की एक नई लहर सी दौड़ जाती है। बंसत पंचमी खिल उठा प्रकृति का कण-कणचहुँओर अरूण की लालिमा छाई हैपीत वसन धारण कर धराखुशहाली का…

  • ऋतुराज बसंत का आगमन

    ऋतुराज बसंत का आगमन

    ऋतु ये वसंत आई ऋतु ये वसंत आई फूलों की बहार लाईमन में सुमन खिल रहे हैं दिन रात मेंयौवन पे ये निखार करके सौलह श्रृंगारइठलाती जा रही हो बात बिना बात में। जुल्फें ये झूम झूम गालों को रही है चूमत्रबिध समीर बहे रात में प्रभात मेंप्रिये की कसम तोड़ फूलों की ये सेज…