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मुश्ताक़ की कहानियाँ
अंजली, शामली और मैं अंजली और शामली इस वाक्ये को कई वर्ष गुज़र चुके हैं। लेकिन मैं आज भी शामली को नहीं भुला पाया हुं। रही बात अंजली की तो वो मेरे कॉलेज में मेरे साथ ही पढ़ाई कर रही थी। और मेरी बडी़ अच्छी दोस्त भी वही थी। आप समझ सकते हैं कि दोस्ती…