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मेरी कहानियाँ- सुमित पवार
1) माँ-बाप और बचपन आँखें एक जोर की आवाज के साथ खुली और देखा तो माता जी दही चलाने की मशीन चला रही है और मट्ठा बना रही है। मैंनें उठते ही माता जी को प्रणाम किया और माता जी ने प्रणाम स्वीकारा और बोली दर्द तो नहीं हो रहा। ऐसा इसलिए पूछा,”क्योकिं पिछले दिनों…