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वैलेंटाइन वीक- इमरान संभलशाही के विचार
कलमकार इमरान संभलशाही जी ने ‘वैलेंटाइन वीक’ की व्याख्या अपनी कुछ कविताओं के माध्यम से की है। आइए उनके विचार पढ़ें- वैलेंटाइन डे वेलेंटाइन मैंने तुम्हेंदेखा है ऐसेफिर सोचा है ऐसेऔर तब जाकर चाहा है ऐसे जैसे कोईबरसींग की फसल उगाकरबार बार अपनी हंसिए से काटता हैमैं बार बार कटने से बार बार उग आता…