Tag: ChunnilalThakur
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COVID19 के दौरान लॉकडाउन
मेरा शहर कहीं ग़ुम हो गया है ~ अतुल कृष्ण बदलते वख़्त के मिज़ाज़ के साथबसेरा बहुत दूरवतन से हो तो जाता हैपर जड़ों में की घर की यादऔर सोच में मिट्टी की महक बाकी हैयही वो एहसास है की”ज़िंदा हूँ” ना ही वो बचपन भूलता है –ना ही बिताये पल !बस अब फ़ोन ही…
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जून २०२०- अधिकतम पढ़ी गई कविताएं
JUNE-2020: १) चुन्नी लाल ठाकुर रचित बादल • २ ) शुभा मिश्रा “कनक” रचित तुम जो आ जाते एक बार • ३) योगेन्द्र सिंह रचित शराब अच्छी या खराब १) बादल आसमान में असंख्य आकृतियां बनाते,कुछ लुभाते, कुछ को बहुत डराते बादल। कौंधती है जब बिजली इनमें,तो वहिंगम दृश्य बनाते बादल। गर्मी को है कम…