Tag: MushtaqAhmad

  • बातें शहद की

    हम में से सभी चाहते हैं कि हमे एक लंबा और स्वस्थ जीवन मिले औऱ एक अधिक समय तक जीवित रहें. डॉक्टर वैद्य हकीम साइंसदानों एवं माहेरीन इस खोज में लगे हैं कि मृत्यु को कुछ समय के लिए टाला जा सके, पिछले वर्षों में रूस में एक ऐसे शख़्स पर डाक टिकट जारी किया…

  • होली – रंग – कोविड

    होली – रंग – कोविड

    इस बार होली के बिना अधूरे ~ नीताराम शर्मा होली के बिन हम सबरंग रंग करके आया ये पर्वहोली इस बार खिली नहींसारे संसार में रंग नहीं खिल पाएहम सबके चेहरे रंग से खिल नहीं पाएसारा संसार दुःखी हैजंग इतनी बड़ी थी हम ठीक से लड़ नहीं पाएरंग रंग दे होली कोरोना से डर हैये…

  • मुश्ताक़ की कहानियाँ

    अंजली, शामली और मैं अंजली और शामली इस वाक्ये को कई वर्ष गुज़र चुके हैं। लेकिन मैं आज भी शामली को नहीं भुला पाया हुं। रही बात अंजली की तो वो मेरे कॉलेज में मेरे साथ ही पढ़ाई कर रही थी। और मेरी बडी़ अच्छी दोस्त भी वही थी। आप समझ सकते हैं कि दोस्ती…

  • ऋतुराज बसंत का आगमन

    ऋतुराज बसंत का आगमन

    ऋतु ये वसंत आई ऋतु ये वसंत आई फूलों की बहार लाईमन में सुमन खिल रहे हैं दिन रात मेंयौवन पे ये निखार करके सौलह श्रृंगारइठलाती जा रही हो बात बिना बात में। जुल्फें ये झूम झूम गालों को रही है चूमत्रबिध समीर बहे रात में प्रभात मेंप्रिये की कसम तोड़ फूलों की ये सेज…

  • आखिर कब सुधरेंगे हम? कितनी जानें जाएंगी?

    आखिर कब सुधरेंगे हम? कितनी जानें जाएंगी?

    पता नहीं माहौल ऐसा क्यों बन चुका है। इंसान में मानसिक विकृतियाँ उसे एक अलग ही रूप में प्रस्तुत कर देती हैं जो एक सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं होता। संकीर्ण मानसिकता के चलते अनेकों बार गंभीर अपराध हो जाते हैं। आज हम सभी को अपने भीतर एक सकारात्मक सोच लानी है जिससे एक आदर्श…