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सुभाष चंद्र बोस की १२५ वीं जयंती- विशेष कविताएं
मूलमंत्र आजादी ~ डॉ.राजेश पुरोहित आत्मबल अंतर में रख जिसने स्वतंत्रता दिलाई थी।गौरों को सबक सिखाकर जिसने वीरता दिखाई थी।। आज़ादी जिसका मूलमंत्र कसम देश की खाई थी।नेताजी संग नोजवानों ने ली तब अंगड़ाई थी।। दूर फिरंगियों को करने की ताकत तभी दिखाई थी।बोस के भाषण से अंग्रेजी शासन की नींद उड़ आई थी।। जापान…
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विजयादशमी की शुभकामनाएँ और कलमकारों के संदेश
विजयादशमी की शुभकामनाएँ और कलमकारों के संदेश इन कविताओं मे पढ़ें। यह आशा बनाएँ रखें कि असत्य पर सत्य की और बुराई पर अच्छाई की जीत होगी। विजयादशमी विजयादशमी का पावन त्यौहार आया,साथ में अनेको खुशियों और,सत्यता का मार्गदर्शक लाया,बेशक उस मार्ग पर अनेक कठनाई,उलझने, मुसिबतें, रुकावटे,काँटों से बिछी राह होंगी,फिर भी सत्य के मार्ग…