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  • तीन कविताएँ- विचारवान, व्याकुल हृदय, हकीकत क्या है

    कलमकार मनोज बाथरे ने अपने कुछ विचार इन पंक्तियों में आपके समक्ष प्रस्तुत किये हैं। १) विचारवान हम सदा यही प्रयत्न करें कि हमारे विचारों से सब को चाहें वो हमारे हित में सबको इन विचारों का लाभ मिले जिससे संसार विचारवान बन सकें। २) व्याकुल हृदय व्याकुल हृदय तलाश रहा है उन सुकून के…