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  • तू ही मेरी पूजा

    तू ही मेरी पूजा

    तू ही मेरी पूजा, तू ही मेरा मन्दिर है ममता की खान, तू प्यार का समन्दर हैविपत्तियों मे तू शिखर के समान है‘माँ’ तेरी चर्चा जग मे महान हैमुझको ‘माँ’ ने संस्कार दिए, सिखलाया कोई ऐब नहींमुझको मेरी ‘माँ’ से बढ़कर दुनिया मे कोई देव नहीं संघर्ष देख निज माता का, किस्मत पर इतराता हूँअतीत…