Tag: SWARACHIT775

  • प्रकृति और हम

    प्रकृति और हम

    प्रकृति की रक्षा करना हर इंसान का दायित्व है। इसकी क्षति संपूर्ण जीव-जंतुओं के लिए घातक सिद्ध होती है। कलमकार अतुल चौहान की यह कविता पढें जो हमें पर्यावरण के प्रति सतर्क करती है। जाने क्यों यह थम सा गया है, किस विपदा ने घेरा है, युगों-युगों से बढ़ता आया, जाने क्यों यह बंद हो…