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  • समझ नहीं पा रहा मैं

    समझ नहीं पा रहा मैं

    हम सब भी कई बार ऐसी परिस्थितियों से गुजरते हैं जब कुछ भी समझ नहीं आता है। उस वक्त तो जो भी उचित सलाह देता है वह एक गुरु से कम नहीं। कलमकार मिहिर सिन्हा ऐसी स्थिति को इस कविता में दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं। अंधेरी दुनिया में हर वस्तु जुगनू सा है…