भस्म कर दूं स्वयं कोअंगारों को पाल रखूँ सीने में। देश जिनके कर्मों पर खड़ा हैसड़कों पर आज बेबस लाचार रह गया है। मर रहे हैं सड़कों पर इसे कफ़न नसीब कर दोजिंदा ना सही, लाशों को उसके घर वालों से मिलवा दो। बेबस है जिंदगी इसे दौलत नहीं चाहिएइसे एक नजर बच्चों से मिलवा…