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  • पथिक तुम सुनो

    पथिक तुम सुनो

    ख्वाब में आते हो,चले भी जाते होगरीबी सहते हो, गरीबी खाते हो ऐ निकलने वालों पथिक तुम सुनोबहुत रोने वालो श्रमिक तुम सुनो तेरे पेट में जो, इक दाना नहींकैसे भूख मिटे, कोई खाना नहींतेरा प्यास बुझे, कतरा पानी नहीं तू वापस आए क्यों?नींद में सोए क्यों?ट्रेन से कटकर यूं!मौत बुलाए क्यों? तू अपने गावों…