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मेरे हिस्से में
क्या मिला मेरे हिस्से में, बताऊगां बच्चो को किस्से में। मै कितना मजबूर था? क्यो कि मै मजदूर था। हर रोज नया तमाशा था, मन में मेरे भी आशा था। मिल जायेगी सहयोग हमे, खुशिया होंगी मेरे भी घर में जब वो ऐलान किये, मन में मेरे कई फूल खिले। पर ये तो सारे वादे…