Tag: SWARACHIT818G

  • सड़क और मजदूर

    सड़क और मजदूर

    सड़क कहती मजदूर से तुम मेरे साथी हो जिस प्रकार साथ निभाया है ये लाइट पोल और ठीक तुम्हारे बगल वाली नाली चलो तुम भी परमामेन्ट हो जाओ ठीक एक दाद और खुजली की तरह मजदूर ने अपनी आँखों से एक आँख निकालकर कहा- “आखिरकार कब-तक? एक सरकार की तरह मैं भी अनियंत्रित रहूंगा…” कभी…