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  • याद तुम्हें कर रो लेता हूँ

    याद तुम्हें कर रो लेता हूँ

    कुछ पुरानी चीजों से बहुत गहरी यादें जुड़ी होती हैं और वे ओझल हो चुके उस सख्श को हमारे सामने दिखा देतीं हैं जिनसे हमारा लगाव था। कलमकार विजय कनौजिया भी लिखते हैं उन्हें याद कर कई लोग रो देते हैं। वही पुरानी पाती पढ़करअब भी खुद को समझाता हूँजो तुमने लिखकर भेजा थावही देख…