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  • मजदूरों की करुणव्यथा

    मजदूरों की करुणव्यथा

    देख उन्हें सड़कों पर, मैं व्यथित हो जाती हुं, दशा देखकर उनकी ऐसी, मैं लाचार हो जाती हुं। वायरस एक प्लेन से आया, प्लेन वाले बचे रहें, ऐसा क्युं हर बार ही होता, गरीब ही मरते रहे। ऊपर वाले तु भी क्या, गज्जब की रंग दिखाता है, मरे हुए को मार कर ही, शायद तु…