कर्म ही आपको महान बनाता है। आप बहुत कुछ अच्छा कर सकते हो बस अपने मन मस्तिष्क में ठान लेने की देर है। शिम्पी गुप्ता की यह कविता आपको कर्म के प्रति प्रेरित अवश्य करेगी। हे मनुष्य! हैं तूणीर में असंख्य बाण तेरे, ले साध उन्हें, ले साध उन्हें। नहीं निज वैभव सर्वदा रहता है।…