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बरगद और बुजुर्ग
बड़े-बूढ़ों की छत्रछाया में रहना सदैव हितकारी होता है। इस कथन को डॉ. कन्हैयालाल गुप्त ‘किशन’ ने अपनी कविता ‘बरगद और बुजुर्ग’ और बखूबी बताया है, आप भी पढ़ें। बुजुर्ग व्यक्ति भी बरगद समान ही होता है, जैसे बरगद की छाया घनेरी होती है, वैसे ही बुजुर्ग व्यक्ति का आश्रय है, बरगद कई पीढ़ियों का…